Wednesday, 22 August 2012


सफ़ेद कनेर और उसका तांत्रिक प्रयोग



तंत्र शास्त्र में अनेक वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है जैसे- काली हल्दी, शंख, रत्न, बांदा, श्रीफल, एकाक्षी नारियल, कौड़ी आदि। इन सबका अलग-अलग महत्व व प्रयोग है। यह सब चमत्कारी वस्तुएं हैं।
 
ऐसा ही एक चमत्कारी पौधा है अफेद आक (आंकड़ा)। यह बहुत चमत्कारी पौधा है। यह सामान्य रूप से पाएं जाने वाले आक के पौधे से अलग होता है। इसका उपयोग की तांत्रिक क्रियाओं में किया जाता है। तांत्रिक प्रयोगों से बचने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। जिस घर में यह लगा होता है उस घर किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र या जादू-टोने का असर नहीं होता है। 

इस आक के पौधे से भी अधिक चमत्कारी है इससे निर्मित गणेश प्रतिमा। तंत्र शास्त्र में यह बताया गया है कि यदि सफेद आक से निर्मित गणेश प्रतिमा की विधिवत पूजा की जाए तो सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। यह गणेश प्रतिमा अद्भुत व चमत्कारी होता है। इसकी पूजा बहुत नियम और कायदों से करनी पड़ती है। नियम से पूजा ना होने पर इसका उचित लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि आपके घर में किसी तरह के तंत्र-मंत्र का असर ना हो तो ये पौधा घर में जरुर लगाएं। इसके अलावा सफेद आक की जड़ को भी तंत्र में बहुत उपयोगी माना जाता है।

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